कोलकाता :- पश्चिम बंगाल के जनमत ने इस बार स्पष्ट रूप से सत्ता परिवर्तन के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है, जहाँ उत्तर से लेकर दक्षिण तक भगवा लहर का असर साफ देखा जा रहा है। चुनाव परिणामों के रुझानों ने ममता बनर्जी सरकार के कई दिग्गज मंत्रियों की जमीन हिला दी है और राज्य के लगभग 16 मंत्रियों को अपनी सीटों से हाथ धोना पड़ सकता है। मतगणना के जो संकेत मिल रहे हैं, उससे साफ है कि बंगाल की सत्ता की दहलीज पर मोदी-मैजिक के सहारे कमल खिल चुका है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व पूरी तरह बिखरता नजर आ रहा है। भाजपा की इस प्रचंड सुनामी में मंत्रियों की साख इस कदर दांव पर है कि अब उनके लिए अपनी विधायक की सीट बचाना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, विधाननगर से सुजीत बसु, दमदम से शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और दमदम उत्तर से चंद्रिमा भट्टाचार्य जैसे कद्दावर नाम पीछे चल रहे हैं। उत्तर बंगाल के रसूखदार मंत्री उदयन गुह दिनहाटा से और सिंचाई मंत्री मानस भুঁइया सबंग सीट से पिछड़ गए हैं। वहीं, मंत्री मलय घटक और प्रदीप मजूमदार को तो हार का सामना भी करना पड़ा है। इस फेहरिस्त में बीरबाहा हांसदा, इंद्रनील सेन, सबिना यास्मिन और सिद्दीकुल्ला चौधरी जैसे नाम भी शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में कड़े मुकाबले के बीच पीछे चल रहे हैं। पुलক राय, सत्यजीत बर्मन और स्नेहशीष चक्रवर्ती की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। कुल मिलाकर, राज्य मंत्रिमंडल के इन स्तंभों का गिरना बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है।

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