रानीगंज :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला रानीगंज थाना क्षेत्र के निमचा पुलिस फाड़ी अंतर्गत रोटीबाटी चापुई इलाके से सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस के आंचलिक पार्टी कार्यालय को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया। मंगलवार को अचानक हुई इस घटना में हमलावरों ने कार्यालय के भीतर घुसकर जमकर उत्पात मचाया। फर्नीचर, टेबल-कुर्सी, अलमारी से लेकर पार्टी के झंडे, बैनर और खिड़की-दरवाजों तक को चकनाचूर कर दिया गया। तोड़फोड़ के दौरान 'जय श्री राम' के नारे लगाए जा रहे थे और हमलावरों के निशाने पर मुख्य रूप से रानीगंज पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष व तृणमूल नेता विनोद नोनिया थे।
घटना के समय विनोद नोनिया कार्यालय में मौजूद नहीं थे, लेकिन आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान मौके पर पहुंचे और बिगड़ते हालात को संभाला। इस बीच, भाजपा समर्थकों ने पुलिस के सामने यह आशंका जताई कि विनोद नोनिया के घर में कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं छिपाई गई हैं, जिसके बाद उन्होंने घर की तलाशी लेने की मांग की। केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल के जवानों और पुलिस ने विनोद नोनिया के घर की सघन तलाशी ली, हालांकि इस दौरान कोई भी संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई।
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी सेंट्रल बिमान कुमार मिर्धा ने पुष्टि की कि तलाशी के समय टीएमसी नेता घर पर नहीं थे, लेकिन उनके परिजन वहां मौजूद थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि तलाशी में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि एहतियात के तौर पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूसरी ओर, भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चापुई इलाके में पिछले 15 वर्षों से जनता पर अत्याचार हो रहा था और अब सत्ता परिवर्तन की लहर के साथ लोग अपने दबे हुए गुस्से को खुलकर जाहिर कर रहे हैं।



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