दुर्गापुर :- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद दुर्गापुर के पलाशडीहा गांव में उस समय भारी तनाव फैल गया, जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (ए़डीडीए) द्वारा लगाए गए सरकारी बोर्डों को उखाड़ फेंका। मामला दुर्गापुर नगर निगम के 32 नंबर वार्ड का है, जहां करीब दो साल पहले ए़डीडीए ने जमीन को सरकारी संपत्ति बताते हुए अपने बोर्ड लगाए थे। मंगलवार को बड़ी संख्या में जुटे भाजपा समर्थकों ने इन बोर्डों को पूरी तरह से उखाड़ दिया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि ए़डीडीए इन बोर्डों के जरिए उच्छेद (बेदखली) के नाम पर आम लोगों को डरा रहा था और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पार्टी का दावा है कि बोर्ड हटाकर उन्होंने स्थानीय लोगों को न्याय दिलाया है।
पलाशडीहा गांव में हुई इस घटना को राजनीतिक गलियारों में चुनाव नतीजों के प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि ए़डीडीए के चेयरमैन कवि दत्त इस बार दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में थे, लेकिन उन्हें बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। तृणमूल कांग्रेस की इस करारी शिकस्त के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा हुआ है, जिसका असर मंगलवार सुबह पलाशडीहा की सड़कों पर देखने को मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-एक कर ए़डीडीए के सभी बोर्डों को जमीन से उखाड़ कर फेंक दिया।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे गुंडागर्दी करार दिया है। तृणमूल नेतृत्व का कहना है कि ए़डीडीए के बोर्ड सरकारी संपत्ति थे और उन्हें नुकसान पहुंचाना कानून का उल्लंघन है। पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि भाजपा चुनाव जीतने के बाद बदले की राजनीति कर रही है और सरकारी कामकाज में बाधा डाल रही है। तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस की पैनी नजर है।





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