दुर्गापुर :- दुर्गापुर की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी रहे और आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (ADDA) के चेयरमैन कवि दत्त ने सक्रिय राजनीति को अलविदा कह दिया है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शुक्रवार को उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के जरिए सार्वजनिक रूप से संन्यास की घोषणा की। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले कवि दत्त न केवल एक कद्दावर राजनेता रहे हैं, बल्कि वे क्षेत्र के एक सफल होटल व्यवसायी के रूप में भी अपनी विशेष पहचान रखते हैं। उनके इस अचानक फैसले से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
अपने फेसबुक पोस्ट में कवि दत्त ने जनता के फैसले का सम्मान करते हुए एक भावुक संदेश लिखा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बंगाल की जनता और लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था जताते हुए लिखा हैं कि 36 दिनों के इस राजनीतिक अध्याय का अंत। राजनीतिक सफर से विदाई। लोकतंत्र में जनता की राय ही सर्वोपरि होती है। बंगाल की जनता ने जो जनादेश दिया है, उसे मैं पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करता हूँ और नई सरकार को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। मुझे पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में दुर्गापुर सहित पूरा पश्चिम बंगाल विकास के पथ पर और तेजी से आगे बढ़ेगा।" इसके साथ ही उन्होंने अपने संक्षिप्त राजनीतिक सफर के दौरान हुई अनजानी गलतियों के लिए भी क्षमा मांगी है। उनके इस फैसले को उनके समर्थकों के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।



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